झूठा दावा: भारत के 13 वर्षीय तन्मय बख्शी को गूगल ने 66 लाख रुपये तनख़्वाह पर नियुक्त किया

किसी इंटरव्यू शो में बात करते हुए एक भारतीय लड़के का वीडियो फेसबुक पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। इस वीडियो के साथ दावा किया गया है कि इस लड़के को तकनीकी दिग्गज ग्रुप गूगल ने 66 लाख रुपये की तनख़्वाह पर नियुक्त किया है। वीडियो के साथ किये गए वर्णन के मुताबिक

“श्री, तन्मय बख्शी, 13 वर्षीय भारतीय (9वी कक्षा का बच्चा) को गूगल यूएसए ने 66 लाख महीने तनख़्वाह पर नियुक्त किया है। कृपया कंपनी के अधिकारी के साथ उसके इंटरव्यू का वीडियो देखे…क्या आत्मविश्वास है…वह किस तरीके से जवाब देता है …रॉब…बस शानदार…इसके लिए वह कहते है…कुछ वक़्त भगवान की संरचनाए कमाल होती है…काफी तीव्र..बड़ा दिमाग है…सच में आश्चर्य है यह लड़का”-(अनुवाद)।

उपरोक्त वीडियो 23 जुलाई को एक उपयोगकर्ता द्वारा पोस्ट किया गया था, इसे अब तक 24,000 लोग देख चुके है। कुछ उपयोगकर्ता ने इस वीडियो को फेसबुक पर समान दावे के साथ साझा किया है।

यूट्यूब पर भी, कई लोगों ने यह वीडियो समान दावे के साथ साझा किया है कि गूगल ने तन्मय को बड़ी तनख़्वाह पर नियुक्त किया है। नीचे दिए गए वीडियो में दावा किया गया है कि तन्मय को हर महीने 1.40 करोड़ की तनख़्वाह पर नियुक्त है। इस वीडियो को अप्रैल 2019 में अपलोड किया गया था और अब तक इसे 17 लाख से ज़्यादा बार देखा जा चूका है।

तथ्य जांच

वास्तव में वीडिओ में दिख रहा लड़का तन्मय बख्शी है। 15 वर्षीय तन्मय कनाडाई नागरिक है और एक अद्भुत लड़का है। तन्मय कोडिंग करना 5 वर्ष की उम्र से शुरू किए थे और 9 साल की उम्र में उन्होंने एपल (iOS) स्टोर के लिए अपना पहला ऐप बनाया था। वह वर्तमान में IBM के साथ मिलकर काम करते हैं। अपने ट्विटर परिचय में अपने आप को एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और लेखक के रूप में बताते हैं। तन्मय एक लोकप्रिय यूट्यूबर है जिसके करीब 300,000 फॉलोवर्स है। वह ज़्यादातर कोडिंग और वेब डेवलॅप के लिए ट्यूटोरियल वीडियो पोस्ट करते हैं।

गूगल कर्मचारी नहीं

सोशल मीडिया का दावा कि गूगल ने तन्मय को 66 लाख रुपये वार्षिक तनख़्वाह पर नियुक्त किया है, गलत है। इस बात की खुद तन्मय ने 2017 में एक ट्वीट द्वारा पुष्टि की थी, जिससे यह पता लगता है कि यह अफवाह 2017 से प्रसारित है।

गूगल के साथ साक्षात्कार नहीं

वीडियो के साथ किया गया दावा कि यह इंटरव्यू गूगल द्वारा आयोजित था, गलत है। तन्मय बख्शी अगस्त 2017 में न्यूजीलैंड के एक चैनल पर द एएम शो नामक टॉक शो में दिखाई दिए थे, जहां उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और प्रोग्रामिंग के बारे में विस्तार से बात की थी। इस वीडियो को तन्मय ने खुद ट्विटर पर पोस्ट किया था।

अंत में यह बताया जा सकता है कि तन्मय और गूगल को लेकर किया गया दावा गलत है।

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